शरिया अदालत (Sharia court) के इस फैसले के बाद पूरी दुनिया में एक बार फिर तौहीन-ए-रिसालत यानी ईशनिंदा कानून (blasphemy) पर बहस तेज हो गई है. सोशल मीडिया पर अब इस युवा संगीतकार की जान बचाने की मुहिम तेज हुई है और लगातार यहाया अमिन की स्टोरी दुनिया भर में ट्रेंड कर रही है.

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